Home / Astrology / Planet / गुरु गोचर का पंचम भाव में फल | Jupiter transit effects in fifth house
गुरु गोचर का पंचम भाव में फल | Jupiter transit effects in fifth house
Astrology, Planet / By Dr. Deepak Sharma
गुरु गोचर का पंचम भाव में फल | Jupiter transit effects in fifth house  गुरु /बृहस्पति का विभिन्न भाव में गोचर का प्रभाव अलग-अलग रूप में पड़ता है। ज्योतिषशास्त्र में गुरु/ बृहस्पति को सबसे शुभ ग्रह माना गया है। गुरु की दृष्टि को अमृत तुल्य कहा गया है। देवगुरू बृहस्पति ज्ञान, संतान एवं धन के भी कारक हैं।
आइये जानते है कि बृहस्पति/ गुरु का जन्म लग्न से गोचर ( Transit ) का जीवन के विभिन्न क्षेत्रों यथा –  ज्ञान, संतान, धन, भाई-बंधू, माता-पिता, परिवार, शिक्षा, व्यवसाय, वैवाहिक जीवन इत्यादि पर कितना प्रभाव पड़ेगा।
गोचरवश बृहस्पति एक राशि में लगभग 13 माह तक भ्रमण करते हैं। गुरू के गोचर का शुभाशुभ फल जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर मिलता है। व्यक्ति की जन्म राशि अर्थात् जन्मकालीन चंद्रमा जिस राशि में स्थित होते हैं, गोचर में बृहस्पति उस राशि से दूसरे, पाँचवें, सातवें, नवें, तथा ग्यारहवें भाव में जब-जब संचार करते हैं, तब-तब बृहस्पति शुभफल प्रदान करते हैं तथा इनके अतिरिक्त बृहस्पति का अन्य भावों से गोचर शुभफल देने वाला नहीं माना जाता है। यहाँ पर लग्न के आधार पर गुरु/वृहस्पति के गोचर का फल कथन किया गया है।
जाने ! गुरु/बृहस्पति गोचर (Transit) में किस भाव में है
लग्न वा राशि20 नवम्बर 2020 से 05  अप्रैल 2021 तक06  अप्रैल 2021 से 13  सितम्बर 202114  सितम्बर 2021 से 19  नवम्बर 202120 नवम्बर 2021 से 12 अप्रैल 2022
मेषदशम भावएकादश भावदशम भावएकादश भाव
वृषनवम भावदशम भावनवम भावदशम भाव
मिथुनअष्टम भावनवम भावअष्टम भावनवम भाव
कर्कसप्तम भावअष्टम भावसप्तम भावअष्टम भाव
सिंहषष्ठ भावसप्तम भावषष्ठ भावसप्तम भाव
कन्यापंचम भावषष्ठ भावपंचम भावषष्ठ भाव
तुलाचतुर्थ भावपंचम भावचतुर्थ भावपंचम भाव
वृश्चिकतृतीय भावचतुर्थ भावतृतीय भावचतुर्थ भाव
 धनुदूसरा  भावतृतीय भावदूसरा  भावतृतीय भाव
मकरप्रथम  भावदूसरा  भावप्रथम  भावदूसरा  भाव
कुम्भबारहवां  भावप्रथम  भावबारहवां  भावप्रथम  भाव
मीनएकादश भावबारहवां  भावएकादश भावबारहवां  भाव
पंचम भाव में गुरु गोचर का फल | Jupiter’s transit in fifth house
यहाँ पर गुरु शुभ होता है। गोचर में पुत्र, वाहन, सुख, घर, स्त्री, ब्रांडेड वस्त्र, आभूषण इत्यादि की प्राप्ति करवाता हैं। यदि आपकी जन्मकुण्डली के पंचम भाव में गुरु का गोचर हो रहा है तो आपको संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। इस समय संतान प्राप्ति के प्रबल योग बन रहे है अतः आप अपने घर में नए मेहमान के आगमन के स्वागत की तैयारी कर सकते है।
गुरु गोचर के प्रभाव से ज्ञानार्जन और विभिन्न विषयों यथा —  “संगीत, लेखन, ज्योतिष ( Astrology) साहित्य तथा दर्शन शास्त्र”के प्रति आपकी रूचि बढ़ेगी। पंचम भाव गुरु यदि गोचर में है तो आप ज्योतिष की किताबो को लेकर पढ़ना शुरू कर सकते है। ज्योतिष के प्रति धीरे धीरे आपके रूचि बढ़ने लगेगी। लेखन के क्षेत्र में भी आप अपने को जोड़ सकते है।
पंचम भाव प्रेमी प्रेमिका love relation yoga का घर है अतः गुरु गोचर के प्रभाव से आपकी अभिरुचि विपरीत लिंग वाले जातक/जातिका के प्रति बढ़ेगी। आप प्रेमी जीवन का आरम्भ कर सकते है। अपने दिल को सम्भाल कर रखिये आपका कोई दिल चुरा सकता है या आप ही किसी का दिल चुरा लेंगे। धन के मामलों में भी गुरु का गोचर आपके लिए लाभदायक रहेगा।
राजकीय क्षेत्र एवं सरकारी अधिकारियों से आपको अनुकूल सहयोग की प्राप्ति होगी। यदि कोई काम रुका पड़ा है तो आपका काम बन सकता है। नौकरी एवं व्यवसाय के क्षेत्र में उन्नति के लिए बहुत ही अच्छा समय है। यदि शेयर का कार्य कर रहे है तो आपको लाभ होगा। शेयर का काम भी आप आरम्भ कर सकते है।
Previous PostNext Post
Related Posts
How can Astrology help in Health, Eye and Heart Troubles
Astrology / By Dr. Deepak Sharma
How can Astrology help in Health, Eye and Heart Troubles. Astrology can help through strotra, mantra, gemstone etc.  In the  Valmiki  Ramayan  you  must  have read…
SURYA STUTI
Astrology / By Dr. Deepak Sharma
Surya  Stuti is very  powerful mantra it can recite by everyone. recitation of these 12 Strotra’s  Stuti is good for health, sound, age, knowledge, respect…
How Your 9 Planets give you Fortune
Astrology / By Dr. Deepak Sharma
How Your 9 Planets give you Fortune. Most of us know that nine planets (नवग्रह) are responsible for all the fortunes and misfortunes in our…
What is Mangalik Dosh
Astrology / By Dr. Deepak Sharma
What is Mangalik Dosh ? Affliction of  Mars in the horoscope known as a Mangalik dosh horoscope. It is caused by placement of Mars in…
Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *
         
Copyright © 2022Astroyantra | Powered by Cyphen Innovations