Home / Astrology / Planet / Mercury Planet Effects | कुंडली के विभिन्न भाव में बुध का फल
Mercury Planet Effects | कुंडली के विभिन्न भाव में बुध का फल
Astrology, Planet / By Dr. Deepak Sharma
  Mercury Planet Effects | कुंडली के विभिन्न भाव में बुध का फल  बुध ग्रह सौरमंडल में सूर्य के सबसे निकट तथा का सबसे छोटा ग्रह है। ज्योतिष में यह ग्रह बुद्धि, ज्ञान, शिक्षा, लघु यात्रा, अध्यापक, वकील ( Lawyer yog in Birth Chart)  , वेद, गणित, बाग़, मामा, वाणिज्य, लिपिक, व्यापारी, जीभ, पेट, मुँह, चर्म, वाद-विवाद, बुआ, कन्या इत्यादि का कारक ग्रह है। यह जातक के गर्दन, कंधे व त्वचा पर अपना प्रभाव डालता है। यह कन्या राशि  में उच्च का तथा मीन राशि में नीच का होता है। यह नपुंसक ग्रह है जिस ग्रह के साथ बैठता है उसके गुण से प्रभावित होकर कार्य करने लगता है। बुध प्रधान व्यक्ति हर परिस्थिति में अपने आप को ढाल लेता है यह एक सबसे बड़ी विशेषता है।
आइये जानते है बुध का जन्मकुंडली के बारहो भाव में क्या फल होता है। यह फल ग्रहो के उच्च,नीच, मित्र तथा शत्रु राशि, शुभ अशुभ ग्रहो की दृष्टि एवं युति के अनुसार फल में परिवर्तन होता है अतः इस लेख को पढ़ने के बाद यह धारण नहीं बैठानी चाहिए की यह फल फलित नहीं होता। यह कोई जरूरी नहीं की सभी फल आपके जीवन के अनुरूप ही हो क्योकि यह फल सभी जातक को ध्यान में रखकर लिखा गया है अर्थात यह सामान्य फल है । आपको इस लेख से अपने विषय में जानने का अवसर अवश्य मिलेगा।
प्रथम भाव | First House
जिस जातक की जन्मकुंडली ( Horoscope )  में प्रथम भाव में बुध है वैसा जातक देखने में सुन्दर तथा कम उम्र का लगता है। वह ज्ञानवान, चिंतक, कवि,लेखक, गणितज्ञ, चिकित्सक, अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करने वाला, त्यागी होता है। उसका व्यक्तित्त्व गंभीर होता है।
वह चरित्रवान, मधुरभाषी तथा संयमी होता है परन्तु कभी कभी इसके विपरीत फल भी दिखाई देता है। वह किसी एक विषय में कुशलता प्राप्त कर दूसरों को प्रभावित करता है। वह वाक्पटु होता है। उसका मुख मोहक होता है। ऐसा जातक व्यापारी होकर परिवार तथा समाज में नाम कमाता है।
दूसरा भाव | Second House 
जिस जातक की कुंडली( Horoscope ) के दूसरे भाव में बुध ( Mercury) है मधुरभाषी, धनी, सलाहकार, बिचौलिया, लेखक व प्रकाशन, बोली से धन कमाने वाला होता है। वह अपने प्रयास से बहुत ही धन कमाने वाला होता है। वह जीवन में आकर्षक वस्तुओं का शौकीन होता है।
ऐसा व्यक्ति अपने परिवार का प्रिय सदस्य के रूप में होता है। ऐसा व्यक्ति यात्रा प्रेमी, पवित्र तथा पाप से दूर रहने वाला एवं पढाई के द्वारा धनार्जन करने वाला होता है। ऐसा जातक ज्योतिष विद्या का ज्ञान रखने वाला होता है। पौराणिक विद्या के प्रति प्रेम रखता है
तृतीय भाव | Third House
यदि आपके कुंडली ( Horoscope ) के तृतीय भाव में बुध ( Mercury) है तो आप व्यवसाय से धनार्जन तथा शीघ्र ही मैत्री करने वाले होंगे। ऐसा जातक साहसी, सुविधा का उपभोग करने वाला, समाज का सहायक, ज्योतिष, अध्यात्म आदि रहस्यमय विषयों में गहरी रुचि रखने वाला होता है।
ऐसा जातक बहुत ज्यादा स्वार्थी नहीं होता है। वह बहुत ही दयालु, सभ्य, निरंतर यात्रा करने वाला तथा संयमी और स्यामपूर्वक सुंदर वस्तुओं का संग्रह करने वाला होता है। वह हमेशा अपने भाग्य को लेकर चिंतित रहता है।
चतुर्थ भाव | Fourth House
जिस व्यक्ति की जन्मकुंडली ( Horoscope ) में बुध चतुर्थ भाव में है वैसा जातक जमीन-जायदाद का मालिक तथा अचल सम्पत्तियों से लाभ अर्जन करने वाला होता है। वह वाहन ( Vehicle ) पर चलने वाला तथा संगीत का प्रेमी व गायन में रुचि रखने वाला होता है। उसकी स्मरण शक्ति बहुत ही अच्छा होता है।
ऐसा व्यक्ति कार्य को लेकर हमेशा चिंतित रहता है। इसके स्वभाव में परिवर्तनशीलता तथा चंचलता रहता है। वह हमेशा अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करने वाला होता है। वह अपने से विपरीत लिंग वालों का प्रिय होता है। वह कभी कभी बेशर्मी भी कर बैठता है।
पंचम भाव | Fifth House
यदि आपकी कुंडली ( Horoscope ) के पंचम भाव में बुध है तो जातक संगीत का प्रेमी तथा संगीत को जानने वाला होता है। वह जीवन साथी से प्रेम पाने वाला, बुद्धिमान तथा संतान से युक्त होता है। इनका प्रथम संतान कन्या होने का चांस होता है। वह धनवान, अपने से अग्रजों तथा गुरुओ का आदर करने वाला होता है।
ऐसा व्यक्ति राजा का प्रिय, सलाहकार तथा अपनी बुद्धिमत्ता से लोगों को चमत्कृत करने वाला होता है किन्तु यदि बुध पीड़ित है तब वह सभी अच्छे गुणों से रहित तथा बुरी आदतों की ओर उन्मुख हो जाता है। ऐसा जातक गलत संगती में पड़ कर जुआ खेलने का आदी हो सकता है। सामान्यतया वाद-विवाद में कुशल तथा रचनात्मक कार्य करने वाला होता है। वह भक्ति प्रिय तथा रहस्यवाद में गहरी रुचि लेने वाला होता है।
षष्ठ भाव  | Sixth House
छठे भाव में बुध जातक को बंधू-बांधव से विरोध करने वाला बनाता है। शत्रुओ को पराजित करने वाला होता है। वह संबंधियों से विरोध, आलसी, क्रूर प्रकृति का, चिन्ताग्रस्त तथा नौकरों अथवा सेवकों द्वारा कष्ट पाने वाला होता है। इस सम्बन्ध में कहा गया है —
विरोधो जनानां निरोधो रिपूणाम प्रबोधो यतीनाम च रोधोsनिलानाम।
बुधे सद्व्यये व्यावहारो निधीनां ब्लादर्थकृत संभवेत शत्रुभावे।।
ऐसा जातक लेख अथवा प्रकाशन द्वारा आय करता है। ऐसा व्यक्ति आत्मसंयमी, अति बुद्धिमान तथा मातृभक्त बनाता है। औषधियों में रुचि, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक तथा भोजन के विषय में अच्छा ज्ञान रखता है।
सप्तम भाव | Seventh House
यदि आपकी जन्मकुंडली ( Horoscope ) के सप्तम भाव में बुध ग्रह है तो जातक हंसमुख, ज्ञानवान तथा व्यापार में उसकी बुद्धि तेज होती है। ऐसे जातक का भाग्योदय विवाह ( Marriage ) के बाद होता है। ऐसे जातक की पत्नी या पति सुंदर तथा देखने में एकदम युवा एवं कम उम्र का लगता है। ये हमेशा लोगो को आकर्षित करना चाहते है। बच्चो के साथ इनका सम्बन्ध दोस्ताना रहता है।
विपरीत सेक्स के प्रति एक स्वाभाविक सा आकर्षण होता है तथा विपरीत लिंग के जातक भी उसे पसंद करते हैं। ऐसा व्यक्ति सत्य तथा निष्ठा का पालन करता है और जिसके फलस्वरुप वह अपने व्यक्तित्व और बुद्धि से लोगों को प्रभावित कर धनार्जन कर सकता है। इनकी रूचि व्यापार में ज्यादा होती है। ऐसा जातक व्यापर से ये अचूक धन कमाता है।
अष्टम भाव | Eighth House
जिस जातक की जन्मकुंडली ( Horoscope ) के अष्टम भाव में बुध बैठा है वह दीर्घायु, मृदु स्वभाव, मधुर वचन वाला और बुद्धिमान होता है। उनकी रूचि ज्योतिष, तंत्र, मंत्र तथा आध्यात्म में होती है। इस भाव में बुध जातक को अन्वेषणात्मक बुद्धि प्रदान करता है यही कारण है की ऐसा जातक रिसर्च कार्य करता है। वह विषय वस्तु को दार्शनिक दृष्टिकोण से सोचता है।
ऐसा जातक धनवान, सरकार से अच्छा पद अथवा अधिकारिक स्थान प्रदान करता है। वह सहजता से धन कमाने वाला, सदा सकारात्मक सोच वाला, शत्रुओं पर विजयी पाने वाला होता है। ऐसे जातक को शादी से खुशी नहीं मिल सकती है। वे महसूस कर सकते हैं कि उनके विवाहित जीवन में कुछ कमी है। ऐसा जातक विदेश भ्रमण भी करता है।
नवम भाव | Ninth House
यदि आपकी कुंडली में बुध नवम् भाव में बैठा है तो आप धार्मिक, पत्नी प्रेमी, बुद्धिमान तथा ज्ञानवान होंगे। आपका मन सात्विक कार्यो में लगा रहता है। आपका झुकाव धर्म तथा आध्यात्म के प्रति होता है। ऐसा जातक साधु-संतों का मान करने वाला तथा लगातार विदेश भ्रमण करने वाला होता है। वह अपने जीवन काल में खूब यात्रा करता है।
आप धनवान, दयावान, नौकर से युक्त जीवन व्यतीत करने वाले होते है। ऐसा व्यक्ति अपनी बुद्धि और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उच्च शिक्षा ( Foreign Education )  ग्रहण करता हैं तथा समाज और परिवार में इसका उपयोग भी करता है। आप ईमानदार, नैतिक मूल्यों का पालन करने वाले तथा धन लालच से बिल्कुल ही दूर रहते है।
दशम भाव | Tenth House
जन्मकुंडली के दशम भाव में बैठा बुध जातक को बुद्धिमान, प्रसिद्ध, ज्ञानवान, शास्त्रों का ज्ञाता तथा सात्विक मार्ग से जीवन में आगे बढ़ने वाला बनाता है। आप अपने रिश्तेदारों से प्रेम रखने वाला तथा उनकी सहायता करने वाला, निपुण, तीक्ष्ण बुद्धि शक्ति से युक्त विनोदी, कुशल वक्ता होते है। आप किसी व्यापार तथा कमीशन से धन अर्जन करने में विशवास रखने वाले होते है।
ऐसा जातक हमेशा कुछ नया करना चाहता है। अपने कार्य स्थल पर भी कुछ नया करके दिखाना चाहता है कई बार तो इनके द्वारा किया गया कार्य इतिहास के पन्नो में दर्ज भी हो जाता है। चंचलता होने के कारण अपने कार्य के प्रति स्थिरता का अभाव भी होता है। कार्यो में बदलाब का योग बना रहता है इसका मुख्य कारण है की ये एक साथ कई कार्य तथा विभिन्न विषयों को सीखने की लालसा रखते है।
एकादश भाव | Eleventh House
एकादश भाव को लाभ भाव के नाम से जाना जाता है। यदि आपकी जन्मकुंडली के लाभ स्थान में बुध बैठा है तो आप अत्यधिक महत्वाकांक्षी होंगे। ऐसा व्यक्ति कलाओं में रुचि लेने वाला, आथ्यात्म, ज्योतिष तथा मस्तिष्क विज्ञान में रुचि रखने वाला होता है। अपनी इच्छाओ को पूरा करने के लिए हमेशा प्रयासरत रहता है। ऐसा जातक फोन पर हमेशा व्यस्त रहेगा। आपको रचनात्मक कार्यो में बहुत रूचि रहती है।
आपके आय के अनेक स्रोत हो सकते हैं। आप शेयर के व्यवसाय से धन कमाना चाहते है और उसमे आपको सफलता भी मिलेगी खासकर यदि कोई अशुभ ग्रह की दृष्टि न हो। आप अध्यापक, राजनयिक कम्युनिकेटर, प्रेस रिपोर्टर, संपादक, समाचार पाठक, सार्वजनिक वक्ता, परामर्शदाता आदि से जुड़े कार्य करके अच्छा नाम कमा सकते है। आप एक सामाजिक व्यक्ति होंगे आपके दोस्तों की संख्या भी अधिक होगी अर्थात आपका सोशल नेटवर्क बहुत बड़ा होगा।
बारहवां भाव | Twelfth House
जिस जातक की कुंडली में बारहवे भाव में बुध ( Mercury)  बैठा है तो वह नकारत्मक विचार वाला होता है। अपने इन्ही विचारो के कारण वैसा जातक मन से हमेशा परेशान रहता है कई बार डिप्रेशन ( Depression and its Remedies ) के शिकार भी हो जाते है। इस भाव का बुध जातक को समाज में अपमान भी दिलाता है। अपने जीवन काल में इनका धन अवश्य ही फंसता है अतः पैसे के लेन-देन में सावधानी बरतनी चाहिए।
आप अपने जीवन काल में कभी न कभी व्यापार जरूर करेंगे। कमजोर बुध मानसिक कष्ट भी देता है। कमजोर बुध वाला जातक अपने विचारो को प्रभावी ढंग से व्यक्त नहीं कर पाते है तथा जल्दी ही दूसरों के प्रभाव में आ जाते है और दुख पाते है किंतु उच्च का बुध अध्यात्म, गुप्त विद्याओं में रुचि तथा अत्यधिक मान-सम्मान दिलाता है।
Previous PostNext Post
Related Posts
How can Astrology help in Health, Eye and Heart Troubles
Astrology / By Dr. Deepak Sharma
How can Astrology help in Health, Eye and Heart Troubles. Astrology can help through strotra, mantra, gemstone etc.  In the  Valmiki  Ramayan  you  must  have read…
SURYA STUTI
Astrology / By Dr. Deepak Sharma
Surya  Stuti is very  powerful mantra it can recite by everyone. recitation of these 12 Strotra’s  Stuti is good for health, sound, age, knowledge, respect…
How Your 9 Planets give you Fortune
Astrology / By Dr. Deepak Sharma
How Your 9 Planets give you Fortune. Most of us know that nine planets (नवग्रह) are responsible for all the fortunes and misfortunes in our…
What is Mangalik Dosh
Astrology / By Dr. Deepak Sharma
What is Mangalik Dosh ? Affliction of  Mars in the horoscope known as a Mangalik dosh horoscope. It is caused by placement of Mars in…
Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *
         
Copyright © 2022Astroyantra | Powered by Cyphen Innovations